Sunday, July 23, 2017

विश्व जनसंख्या दिवस कब से मनाया जा रहा है?

विश्व जनसंख्या दिवस हर साल 11 जुलाई को मनाया जाता है. इसका उद्देश्य जनसंख्या सम्बंधित समस्याओं पर वैश्विक चेतना जगाना है. यह 1987 से मनाया जा रहा है। 11 जुलाई, 1987 को विश्व की जनसंख्या 5 अरब को पार कर गई थी. तब संयुक्त राष्ट्र ने जनसंख्या वृद्धि को लेकर दुनिया भर में जागरूकता फैलाने का निश्चय किया. अलबत्ता पहला विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई 1990 को 90 देशों में मनाया गया. इसके बाद दिसंबर 1990 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव 45/216  पास करके हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का फैसला किया. तब से इस विशेष दिन को हर साल परिवार कल्याण का संकल्प लेने के दिन के रूप में याद किया जाने लगा. विश्व की जनसंख्या और दुनिया के 20 देशों की जनसंख्या की नवीनतम स्थिति जानने के लिए आप इस वैबसाइट पर जाकर वर्ल्ड पॉपुलेशन मीटर देख सकते हैं http://www.worldometers.info/world-population/

ओलिंपिक खेलों में भाग लेने के लिए क्या कोई आयु सीमा भी है?

ओलिंपिक चार्टर के अनुसार कोई आयु सीमा नहीं है. अलबत्ता अलग-अलग खेल संघों ने अपनी तरफ से आयु सीमाएं तय कर रखी हैं. मसलन जिम्नास्टिक्स में 16 साल के कम आयु के प्रतियोगी भाग नहीं ले सकते. सन 2016 के रियो ओलिंपिक में नेपाल की तैराक गौरिका सिंह ने 13 वर्ष की आयु में ओलिंपिक प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया. वे रियो में सबसे कम उम्र की खिलाड़ी थीं. ओलिंपिक खेलों के इतिहास में सबसे उम्रदराज प्रतिस्पर्धी थे स्वीडन के ऑस्कर स्वॉन, जिन्होंने 1920 की शूटिंग प्रतियोगिता में भाग लिया. उस वक्त उनकी उम्र थी 72 साल 281 दिन. रियो ओलिंपिक में उज्बेकिस्तान जिम्नास्ट ओक्साना चुसोवितीना सबसे बुजुर्ग खिलाड़ी थीं. उनकी उम्र थी 41 वर्ष. वे सन 1992 के ओलिंपिक से लगातार भाग ले रहीं थीं.

हम अक्सर कहते हैं हाथ या पैर सो गया. यह क्या होता है?

इसे अंग्रेजी में Paresthesia कहते हैं, जिसके लिए हिंदी में शब्द हैं संवेदनशून्यता या अकड़ना. इसमें थोड़ी देर के लिए हाथ-पैर या शरीर का कोई दूसरा अंग निर्जीव हो जाता है या झनझनाहट होने लगती है. इसकी वजह है शरीर की किसी नाड़ी का दब जाना. जिस तरह शरीर में रक्त संचार के लिए धमनियाँ हैं, उसी तरह शरीर के अंगों का मस्तिष्क से संपर्क नाड़ी तंत्र के माध्यम से होता है. जब शरीर के किसी हिस्से पर लंबे अर्से तक दबाव पड़ता है तो धमनियों और नाड़ियों दोनों के काम प्रभावित होते हैं. जैसे ही दबाव हटता है सारी गतिविधियाँ फिर से शुरू हो जाती हैं.  

दो शहरों को जोड़ने वाली सड़कों को हाइवे क्यों कहते हैं?

हाइवे शब्द प्राचीन रोमन साम्राज्य की देन है. रोमन बादशाहों ने देश के 200 शहरों को सड़कों से जोड़ा था. ऐसी सड़कें पक्की होती थीं और इतनी अच्छी बनाई जाती थीं कि उनपर से होकर सेना के घुड़सवार दस्ते और रथ वगैरह आसानी से गुजर सकें. इन्हें जमीन की सामान्य सतह से कुछ ऊँचा बनाया जाता था ताकि दूर से दिखाई पड़ें और यदि कोई शत्रु हमला करना चाहता है तो वह दिखाई पड़े. बारिश के बाद इनमें पानी भी नहीं भरता था. इनकी ऊँचाई की वजह से इन्हें हाइवे कहा गया. बाद में सारी दुनिया में शहरों को जोड़ने वाली सड़कों को हाइवे कहा जाने लगा.

ग्रेट विक्टोरिया रेगिस्तान कहाँ है?

द ग्रेट विक्टोरिया रेगिस्तान ऑस्ट्रेलियन रेगिस्तानों में से एक है. इस रेगिस्तान का क्षेत्रफल 338,000 वर्ग किमी है. इस रेगिस्तान की यह विशेषता है कि यहाँ वनस्पति बहुतायत से होती है. ब्रिटेन ने 1952 में जब एटम बम बनाया तो उसका परीक्षण यहाँ आकर किया.
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Sunday, July 16, 2017

विजिलांट कौन होते हैं?

अंग्रेजी में यह शब्द फ्रेंच शब्द vigilant से या सीधे लैटिन शब्द vigilantem  से आया है. इनका अर्थ है निगरानी, चौकसी वगैरह. हिस्पानी भाषा में vigilante का मतलब चौकीदार है. उन्नीसवीं सदी में अमेरिका में नागरिकों की सुरक्षा समितियों को विजिलांट कमेटी कहा जाता था.

यह शब्द हाल में गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा के संदर्भ में इस्तेमाल हो रहा है. ऐसी मान्यता है कि सजग नागरिकों और सजग राजनेताओं के रहते लोकतंत्र में कोई ताकत जन-हित की उपेक्षा नहीं कर सकती. और यह भी कि सजग नागरिक फिर किसी भी हद तक जाकर हस्तक्षेप कर सकते हैं, भले ही वे इसके लिए अधिकृत नहीं हों.

इस प्रवृत्ति को समर्थक कहते हैं कि जब समाज में न्याय व्यवस्था बची नहीं रहती या बेहद सुस्त होती है तब नागरिक सीधे हस्तक्षेप करते हैं. इसे भीड़ का न्याय भी कह सकते हैं. यह प्रवृत्ति राज-व्यवस्था के जन्म के पहले से चली आ रही है. मध्य युग में एशिया, अफ्रीका और यूरोप में ऐसे तमाम मिलते हैं जब भीड़ ने किसी को चोर या अपराधी बताकर मार डाला. लोक कथाओं में रॉबिनहुड और सुलताना डाकू की कहानियाँ प्रसिद्ध हैं, जो जनता के हित में कार्रवाई करते थे.

ऑडिटोरियम में ग्रीन रूम को ग्रीन रूम क्यों कहते हैं?

कहा जाता है कि सन 1599 में लंदन के ब्लैकफ्रायर्स थिएटर में मंच के ठीक पीछे उन कलाकारों के बैठने की व्यवस्था की गई, जिन्हें बाद में मंच पर जाना था. इस कमरे में हरे रंग की पुताई की गई थी. धीरे-धीरे सका नाम ग्रीन रूम हो गया. एक बात यह भी कही जाती है कि मंच की रोशनी से कलाकारों की आँखें चौंधिया जाती थीं. उन्हें कुछ आराम देने के लिए ऐसे कमरे को हरे रंग से पोतते थे.

मैकमोहन लाइन क्या होती है?-

यह भारत और तिब्बत के बीच सीमा रेखा है. सन् 1914 में भारत की तत्कालीन ब्रिटिश सरकार और तिब्बत के बीच शिमला समझौते के तहत यह रेखा तय की गई थी. 1914 के बाद कई साल तक इस रेखा को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ, पर 1937 में ओलफ केरो नामक एक अंग्रेज प्रशासनिक अधिकारी ने तत्कालीन अंग्रेज सरकार को इसे आधिकारिक तौर पर लागू करने का अनुरोध किया. 1937 में सर्वे ऑफ इंडिया के एक मानचित्र में मैकमहोन रेखा को आधिकारिक भारतीय सीमारेखा के रूप में पर दिखाया गया था. इस सीमारेखा का नाम सर हैनरी मैकमाहोन (Henry McMahon) के नाम पर रखा गया था, जिनकी इस समझौते में महत्त्वपूर्ण भूमिका थी. वे भारत की तत्कालीन सरकार के विदेश सचिव थे. इसे मैकमाहोन रेखा कहना चाहिए, पर प्रचलन में मैकमोहन रेखा है.

क्या चींटियाँ सोती नहीं हैं?

ऐसा माना जाता था कि चीटियाँ सोती नहीं. पर वैज्ञानिक रिसर्च से पता लगा है कि उनके सोने का ढंग अलग है. जुलाई 2009 में द जरनल ऑफ इनसेक्ट बिहेवियर में में Deby L. Cassill, Skye Brown, Devon Swick and George Yanev के शोधपत्र में बताया गया कि चींटियों की एक प्रजाति फायर एंट जरीर सोती है. इनमें श्रमिक चीटियाँ 24 घंटे में करीब साढ़े चार घंटे और रानी चीटियाँ करीब साढ़े नौ घंटे सोती हैं. आमतौर पर चीटियाँ काम करते-करते एक से डेढ़ मिनट की झपकी लेती हैं. इस तरह वे चौबीस घंटे में दो सवा दो सौ बार सोती हैं. आप उन्हें गौर से देखें तो वे एक जगह थोड़ी देर के लिए ठहर जाती हैं. यही उनकी झपकी या नैप है.

क्षेत्रफल में सबसे बड़ा देश

श्रेणी में रूस सबसे बड़ा देश है. रूस का कुल क्षेत्र 1 करोड़ 70 लाख 98 हजार 242 वर्ग किलोमीटर है. दूसरे स्थान पर कनाडा है जिसका क्षेत्रफल 99 लाख, 46 हजार 670 वर्ग किलोमीटर है. पहले सात देशों की सूची इस प्रकार है: 1.रूस  1,70,98,242, 2.कनाडा 99,84,670, 3.संरा अमेरिका 96, 29, 091, 4.चीन 95,96,961, 5.ब्राजील 85,14,877, 6.ऑस्ट्रेलिया 76,92,024, 7.भारत 32,87,263.
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Thursday, July 6, 2017

हैक्टिविज़्म किसे कहते हैं?

हैक्टिविज़्म इंटरनेट से आया शब्द है, जो अंग्रेजी के एक्टिविज्म और हैकिंग के संयोग से बनाया गया है. किसी विचारधारा के प्रसार के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल हैक्टिविज़्म कहलाता है और इस काम को करने वाले हैक्टिविस्ट कहलाते हैं. यह शब्द सन 1994 में पहली बार कंप्यूटर हैकर ग्रुप कल्ट ऑफ द डैड काउ (सीडीसी) के सदस्य ओमेगा ने गढ़ा था. हैक्टिविज़्म शब्द का इस्तेमाल सायबर आतंकवाद के लिए भी इस्तेमाल होने लगा है. दूसरी ओर विकीलीक्स जैसे समूहों के लिए भी इस शब्द का इस्तेमाल चल रहा है. पश्चिमी देशों में इसे पूँजीवाद विरोधी विचारधारा का प्रमुख वाहक भी माना जा रहा है.
किंग आर्थर कौन थे?
किंग आर्थर एक ब्रिटिश महानायक का नाम है, जिनके बारे में कई तरह की किंवदंतियाँ हैं. कहा जाता है कि उन्होंने मध्ययुगीन इतिहास और कल्पित-कथा के अनुसार छठी शताब्दी के प्रारम्भ में सैक्सन हमलावरों के खिलाफ ब्रिटेन की सेना का नेतृत्व किया था. आर्थर का चरित्र मूलतः लोककथाओं और साहित्यिक रचनाओं में गढ़ा गया है. उनके ऐतिहासिक अस्तित्व को लेकर इतिहासकारों में विवाद और मतभेद हैं. यह नाम प्राचीन काव्यों में पहली बार आया था. बारहवीं सदी के ब्रिटिश धर्मगुरु ज्यॉफ्री मॉनमाउथ ने द हिस्ट्री ऑफ किंग्स ऑफ ब्रिटेन में उनका जिक्र किया है. लोककथाओं में उसके पहले भी ऐसे जादुई चरित्र का वर्णन मिलता है. ज्यॉफ्री ने वर्णन किया है कि आर्थर ब्रिटेन के राजा थे जिन्होंने सैक्संस को हराया था और ब्रिटेन, आयरलैंड, आइलैंड, नॉर्वे और गॉल में एक साम्राज्य की स्थापना की थी. उन्नीसवीं सदी में इस पात्र को जीवन मिला. बीसवीं सदी में थिएटर फिल्म, टीवी, कॉमिक्स और दूसरे मीडिया में किंग आर्थर के किस्से खूब चलने लगे.  
भारत का पहला विश्वविद्यालय?
प्राचीन भारत के तक्षशिला और नालन्दा विश्वविद्यालय दुनिया के प्राचीनतम विश्वविद्यालय हैं.  पर आधुनिक विश्वविद्यालयों के अर्थ में भारत का पहला विश्वविद्यालय कोलकाता में खुला. इसकी स्थापना 24 जनवरी 1857 को हुई. उसी साल मद्रास और मुम्बई की प्रेसीडेंसियों में भी विश्वविद्यालय खुले थे. कोलकाता विश्वविद्यालय से जुड़े चार विद्वानों को नोबेल पुरस्कार मिल चुके हैं. इनके नाम हैं-रोनाल्ड रॉस, रवीन्द्र नाथ ठाकुर, सीवी रामन और अमर्त्य सेन.
ड्रैगन वास्तविक होता है या काल्पनिक?
ड्रैगन काल्पनिक प्राणी है. ज्यादातर सभी प्राचीन सभ्यताओं में ड्रैगन जैसे विशाल सर्प, अजगर या डायनोसॉर जैसे प्राणी की परिकल्पना मिलती है. ड्रैगन शब्द लैटिन के ड्रैको से बना है. साँप, अजगर जैसे चकत्तेदार खाल वाले, मगरमच्छ और घोड़े जैसे मुख और छिपकली जैसे पैर वाले प्राणी की परिकल्पना यूरोप के अलावा चीनी, जापानी, फारसी और संस्कृत साहित्य में भी मिलती है. यूरोप के ड्रैगन के शरीर में चमगादड़ जैसे डैने भी होते हैं. इधर डायनोसॉर जैसे शरीर वाले ड्रैगनों की तस्वीरों और खिलौनों की बाढ़ आई है. कुछ वास्तविकताओं और कुछ कल्पनाशीलता से बना ड्रैगन सम्भवतः: दुनिया का सबसे लोकप्रिय पात्र है.
माचिस कब बनी?
माचिस शब्द अंग्रेजी के मैच से आया है. इसका अर्थ है बत्ती या लैम्प की नोक. यूरोप में औद्योगिक क्रांति के दौरान सेल्फ इग्नाइटेड मैच की ईजाद हुई. पेरिस के प्रोफेसर के चैंसेल ने पोटेशियम क्लोरेट, गंधक, चीनी और रबर के घोल को लकड़ी में लपेटकर रोशन तीली 1805 में बनाई. उधर इंग्लैंड के केमिस्ट जॉन वॉकर ने 1826 ने पहली फ्रिक्शन मैच बनाई. इसमें एंटीमनी सल्फाइड, पोटेशियम क्लोरेट, गोंद और स्टार्च को लकड़ी पर लपेटा गया. सूखने के बाद इसे किसी खुरदुरी सतह पर रगड़ा गया तो आग पैदा हुई. सैमुअल जोन्स नाम के किन्हीं सज्जन ने इसे पेटेंट करा लिया. इसका नाम था ल्युसिफर मैच. नीदरलैंड्स में आज भी माचिस को ल्युसिफर कहते हैं.   
http://epaper.prabhatkhabar.com/1270447/Awsar/Awsar#page/6/1

Thursday, June 29, 2017

न्यूनतम समर्थन मूल्य किसे कहते हैं?

भारत में किसानों को उनकी उपज का ठीक मूल्य दिलाने और बाजार में कीमतों को गिरने से रोकने के लिए सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा करती है. कृषि लागत और मूल्य आयोग की सिफारिशों पर सरकार फसल बोने के पहले कुछ कृषि उत्पादों पर समर्थन मूल्य की घोषणा करती है. खासतौर से जब फसल बेहतर हो तब समर्थन मूल्य की जरूरत होती है.

देश में 26 कृषि उत्पादों पर सरकार समर्थन मूल्य घोषित करती है. इनमें सात अनाज, पाँच दलहन, आठ तिलहन के अलावा जटा वाले और छिले नारियल, कपास, जूट और तम्बाकू शामिल हैं. इसके अलावा गन्ने की कीमतें गन्ना (नियंत्रण) आदेश 1966 के तय होती हैं. सत्तर के मध्य दशक तक दो तरह के मूल्य घोषित करती थी. एक, न्यूनतम समर्थन मूल्य, दो, खरीद मूल्य. पहले का उद्देश्य यह था कि बाजार में कीमतों को एक स्तर से नीचे न आने दिया जाए. दूसरे का उद्देश्य था सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम के वितरण के लिए एफसीआई जैसी सरकारी संस्थाओं द्वारा की जाने वाली रबी और खरीफ की खरीद का मूल्य तय करना.

सामान्यतः खरीद मूल्य बाजार मूल्य से नीचा और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ज्यादा होता था. इन दो कीमतों की नीति धान के मामले में 1973-74 तक जारी रही और गेहूँ के संदर्भ में 1969 में खत्म करने के बाद 1974-75 में एक साल के लिए फिर शुरू की गई. सन 1975-76 में बफर स्टॉक बनाने के लिए वर्तमान नीति शुरू की गई.

रेफ्रिजरेटर में कौन सी गैस डाली जाती है?

रेफ्रिजरेशन यानी फ्रिज और एयरकंडीशनरों में आमतौर पर फ्लुओरोकार्बंस, खासतौर से क्लोरोफ्लुओरोकार्बंस का इस्तेमाल होता था. इन्हें सीएफसी गैस कहा जाता है। इनका इस्तेमाल बंद हो गया है. ये गैसें ओज़ोन परत को नुकसान पहुँचाती हैं. अब हाइड्रोफ्लुओरोकार्बंस या एचएफसी का इस्तेमाल होने लगा है, जो शायद कम नुकसान पहुँचाती हैं. पर ज्यादातर ग्रीनहाउस गैसें जलवायु में परिवर्तन और धरती को गरम बनाती हैं. इन गैसों का उत्सर्जन एयरकंडीशनर, फ्रिज, कंप्यूटर, स्कूटर, कार आदि से है.

भारत में चंदन के पेड़ कहाँ पाए जाते हैं?

भारतीय चंदन का संसार में सर्वोच्च स्थान है. यह पेड़ मुख्यत: कर्नाटक के जंगलों में मिलता है तथा देश के अन्य भागों में भी कहीं-कहीं पाया जाता है. भारत के 600 से लेकर 900 मीटर तक कुछ ऊँचे स्थल और मलयद्वीप इसके मूल स्थान हैं. वृक्ष की आयुवृद्धि के साथ ही साथ उसके तनों और जड़ों की लकड़ी में सुगंधित तेल का अंश भी बढ़ने लगता है. इसकी पूर्ण परिपक्वता में 60 से लेकर 80 वर्ष तक का समय लगता है. इसके लिए ढलवाँ जमीन, जल सोखने वाली उपजाऊ चिकनी मिट्टी तथा 500 से लेकर 625 मिमी. तक वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है.

विश्व की सबसे लम्बी कविता कौन सी है?

माना जाता है कि महाभारत दुनिया की सबसे लम्बी कविता है. इसमें दो लाख से ज्यादा श्लोक हैं. प्रसिद्ध ग्रीक महाकाव्य इलियाड और ओडिसी को एक साथ मिला लें तब भी महाभारत उनका दस गुना ग्रंथ साबित होगा.

सौरमंडल के ग्रहों और सूर्य के द्रव्यमान का अनुपात क्या है?

पूरे सौरमंडल का 99.86 प्रतिशत द्रव्यमान सूर्य में है. यानी शेष सभी ग्रह और उनके चन्द्रमा और उल्का पिंड मिलाकर 0.14 प्रतिशत हैं. उसके इसी द्रव्यमान के कारण उसकी गुरुत्व शक्ति है कि सारे ग्रह उसके चारों ओर घूमते हैं.
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Wednesday, June 28, 2017

यूरेशिया कहाँ है?

यूरेशिया एक भौगोलिक भूखंड है जिसे यूरोप और एशिया का मिलाजुला नाम दिया गया है. यूरेशिया मुख्यतः उत्तरी तथा पूर्वी गोलार्ध में स्थित है. इसके पश्चिम में अटलांटिक महासागर, पूर्व में प्रशान्त महासागर, उत्तर में आर्कटिक सागर और दक्षिण में अफ्रीका महाद्वीप, भूमध्य सागर और हिन्द महासागर हैं. यूरोप और एशिया को दो अलग-अलग महाद्वीप ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विभाजन को व्यक्त करते हैं. दोनों में स्पष्ट भौतिक विभाजक नहीं है. इसी कारण विश्व में कुछ देश यूरेशिया को महाद्वीपों में सबसे बड़ा मानते हैं. प्राचीन काल में काला सागर और मरमरा (या मरमोरा) सागर को यूरोप और एशिया की विभाजक रेखा माना जाता था. आजकल यूराल और कॉकेशस पहाड़ियों को सीमा माना जाता है. उन्नीसवीं सदी के रूसी दार्शनिक निकोलाई दानिलेव्स्की ने यूरेशिया को यूरोप और एशिया दोनों से अलग इकाई माना. इस परिभाषा को देखते हुए इन दिनों सोवियत संघ से अलग हुए गणराज्यों को यूरेशिया कहा जा रहा है. इस अर्थ में मध्य एशिया, तुर्की, मंगोलिया, अफ़ग़ानिस्तान और चीन के शेनजियांग प्रांत को इसके अंतर्गत रखा जा सकता है.

आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी कब शुरू हुई?

आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी प्रतियोगिता की शुरुआत 1998 में आईसीसी नॉकआउट टूर्नामेंट के रूप में हुई थी. सन 2002 में इसका नाम आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी हो गया. इसमें भाग लेने वाली टीमों की संख्या बदलती रही है. शुरू में इसमें केवल आईसीसी के पूर्ण सदस्य ही भाग ले पाते थे, पर 2000 से 2004 के बीच एसोसिएट सदस्यों को भी इसमें जगह दी गई. सन 2009 के बाद से इसे प्रतियोगिता शुरू होने के छह महीने पहले आठ सबसे ऊपर रैंक वाली एकदिनी टीमों की प्रतियोगिता बना दिया गया. इसके बाद आईसीसी ने घोषणा की कि 2013 में होने वाली प्रतियोगिता अंतिम होगी, क्योंकि एक नई आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप शुरू होने वाली है. जनवरी 2014 में इस फैसले को बदल दिया गया. प्रस्तावित टेस्ट चैम्पियनशिप रद्द कर दी गई. हालांकि यह तय है कि सन 2021 की चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन भारत में होगा, पर यह निश्चित नहीं है कि प्रतियोगिता होगी भी या नहीं. आईसीसी ने सन 2019 से एक नई एकदिनी लीग प्रतियोगिता शुरू करने की घोषणा भी की है. यदि नई लीग शुरू हुई तो चैम्पियंस ट्रॉफी रद्द की जा सकती है. 

ल मॉंद कहां का और किस भाषा का अख़बार है?

ल मॉंद मध्याह्न में प्रकाशित होने वाला फ्रांसीसी दैनिक है. दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान जब जर्मन सेना को पेरिस से खदेड़ दिया गया, तो फ़्रांस के सैन्य नेता जनरल चार्ल्स डि गॉल के आग्रह पर, 1944 में ह्यूबर्ट ब्यूवे मैरी ने इसकी स्थापना की. ल मॉंद का अर्थ है विश्व.

पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आई एस आई का पूरा नाम क्या है?

पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आई एस आई का पूरा रूप है इन्टर सर्विसेज इन्टैलिजेन्स. इसकी नींव एक ब्रिटिश सेना अधिकारी मेजर जनरल आर कॉथोम ने 1948 में रखी थी जो उस समय पाकिस्तानी सेना के डिप्टी चीफ़ ऑफ़ स्टाफ थे. पाकिस्तान के राष्ट्रपति फील्ड मार्शल अयूब ख़ान ने 1950 के दशक में इस एजेंसी की भूमिका बढ़ाई. इसका काम है विदेशी और घरेलू ख़ुफ़िया जानकारी जुटाना, सेना की तीनों शाखाओं के बीच समन्वय रखना, प्रसार माध्यमों, दूरसंचार, पाकिस्तानी राजनेताओं, विदेशी और पाकिस्तानी राजनयिकों पर नज़र रखना और गुप्त रूप से आक्रामक अभियान चलाना आदि.

वेंटीलेटर क्या है?

वेंटीलेटर कृत्रिम साँस लेने की मशीन है. जब व्यक्ति बीमारी की हालत में खुद साँस नहीं ले पाता तब उसे साँस देने और फेफड़ों की साँस बाहर निकालने का काम यह मशीन करती है. नाक के ऊपर मास्क लगाकर एक टर्बाइन या कॉम्प्रैसर के मार्फत हवा का दबाव बनाया जाता है ताकि वह कम से कम प्रयास के फेफड़ों में चली जाए.
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Sunday, June 18, 2017

मॉनसून का मतलब क्या?

अंग्रेज़ी शब्द मॉनसून पुर्तगाली शब्द 'मॉन्सैओ' से निकला है. यह शब्द भी मूल अरबी शब्द मॉवसिम (मौसम) से बना है. यह शब्द हिन्दी एवं उर्दू एवं विभिन्न उत्तर भारतीय भाषाओं में भी प्रयोग किया जाता है. आधुनिक डच शब्द मॉनसून से भी मिलता है. मॉनसून मूलतः हिन्द महासागर एवं अरब सागर की ओर से भारत के दक्षिण-पश्चिम तट पर आनी वाली हवाओं को कहते हैं जो भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि में भारी वर्षा करातीं हैं. यह ऐसी मौसमी पवन होती हैं, जो दक्षिणी एशिया क्षेत्र में जून से सितंबर तक, प्रायः चार महीने तक सक्रिय रहती है. इस शब्द का पहला इस्तेमाल अंग्रेजों के भारत आने के बाद बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से चलने वाली बड़ी मौसमी हवाओं के लिए हुआ था.

मार्शमैलो क्या होता है?एंड्रॉयड मार्शमैलो या ‘एम’ मोबाइल फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो 28 मई 2015 को जारी किया गया था. मूल रूप से यह फिंगरप्रिंट पहचान का समर्थन प्रदान करता है जिससे स्मार्टफोन को लॉक-अनलॉक किया जा सके और प्ले स्टोर पर सत्यापन के लिए उंगलियों के निशान के उपयोग से अनुमति दी जा सके. मूलतः मार्शमैलो भी एक प्रकार की मिठाई है. एंड्रॉयड के हर वर्ज़न का नाम मिठाई पर होता है. और यह भी कि यह नाम अल्फाबैटिक ऑर्डर में आगे बढ़ रहा है. कपकेक, डोनट, एक्लेयर, फ्रॉयो, जिंजरब्रैड, हनीकॉम्ब, आइसक्रीम सैंडविच, जैलीबीन और किटकैट से होते हुए यह मार्शमैलो को बाद यह सिलसिला नूगट तक जा पहुँचा है, जो मेवों और चीनी के मेल से बनती है. इसका अगला वर्ज़न ‘ओ’ होगा। क्या मिठाई बनेगी इस ‘ओ’ से, इसके बारे में सोचें। गूगल ने कभी यह स्पष्ट नहीं किया कि नामों का यह मिठास क्यों है.

जीएसएलवी और पीएसएलवी का अंतर?
दोनों भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के रॉकेट हैं. एक का नाम है पोलर सैटेलाइट लांच वेहिकल और दूसरे का नाम है जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लांच वेहिकल। दोनों में बुनियादी फर्क है भारवहन क्षमता का. पोलर सैटेलाइट लांच वेहिकल का संक्षिप्त नाम है पीएसएलवी. मूल रूप में पीएसएलवी को भारत के दूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) सैटेलाइट को सौर समकालिक कक्षा (सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट) में प्रक्षेपण के लिए बनाया गया था. इसे केरल में तिरुवनंतपुर के पास स्थित विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर में नब्बे के दशक में डिजाइन किया गया था. इसका पहला प्रक्षेपण 20 सितम्बर 1993 को हुआ. पीएसएलवी डेढ़ टन के आसपास का वज़न जीटीओ (जियोस्टेशनरी ट्रांसफर ऑर्बिट) तक पहुँचा सकता है. इसमें बूस्टर लगाकर इसकी क्षमता बढ़ाई जाती है. मंगलयान को इसी रॉकेट ने पृथ्वी की कक्षा में भेजा था. जीएसएलवी को इस प्रकार डिजाइन किया जा रहा है कि उसके इंजन बदल कर उसकी क्षमता बढ़ाई जा सके. उसमें क्रायोजेनिक इंजन भी लगा है. भविष्य में जीएसएलवी का स्थान यूनिफाइड लांच वेहिकल (यूएलवी) जो मॉड्यूलर लांचर होगा. यानी उसके इंजन और बूस्टर बदल कर अलग-अलग वज़न का भार अंतरिक्ष में भेजा जा सके. बहरहाल जीएसएलवी हमारे पहले अंतरिक्ष यात्री को लेकर जाएगा.

हमारे देश में इंग्लिश कैलेंडर क्यों चलता है?

लागू होने की वजह तो सरकारी है. सन 1757 में प्लासी की लड़ाई के बाद भारत में ईस्ट इंडिया कम्पनी का शासन स्थापित होने की शुरूआत हो गई और तभी अंग्रेजी कैलेंडर का चलन शुरू हो गया. धीरे-धीरे पूरा देश अंग्रेजी शासन के अधीन आ गया. उसके पहले तक भारत में या तो विक्रमी पंचांग चलता था या इस्लामी काल पद्धति. आज ग्रेगोरियन कैलेंडर दुनियाभर की मानक काल-गणना पद्धति बन गई है.

आईएमई का फुलफॉर्म?
आपका आशय मोबाइल टेलीफोन के आईएमई से है, जिसका फुल फॉर्म है International Magnetospheric Explorer

हॉर्स पावर माने क्या?
हॉर्स पावर शक्ति की एक माप है. बिजली के मामले में आमतौर पर 746 वॉट को एक हॉर्स पावर मानते हैं. अठारहवीं सदी में स्कॉटिश इंजीनियर जेम्स वॉट ने स्टीम इंजन की तुलना माल ढोने वाले घोड़े या ड्राफ्ट हॉर्स से की तो यह चलन शुरू हुआ. इसके बाद टर्बाइन और इलेक्ट्रिक मोटर के इंजनों से इसकी तुलना शुरू हो गई.

प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

जीएसटी और जीएसटी कौंसिल क्या है?

जीएसटी का पूरा नाम गुड्स एंड सर्विस टैक्स  है. यह केंद्र और राज्यों द्वारा लगाए गए 20 से अधिक अप्रत्यक्ष करों के एवज में लगाया जा रहा है. जीएसटी 1 जुलाई 2019 से पूरे देश में लागू किया जाना है. इसे लगाने के बाद सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, एडीशनल कस्टम ड्यूटी (सीवीडी), स्पेशल एडीशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम (एसएडी), वैट/सेल्स टैक्स, सेंट्रल सेल्स टैक्स, मनोरंजन टैक्स, ऑक्ट्रॉय एंड एंट्री टैक्स, परचेज टैक्स, लक्ज़री टैक्स खत्म हो जाएंगे. वस्तुओं एवं सेवाओं पर केवल तीन तरह के टैक्स वसूले जाएंगे. पहला सीजीएसटी, यानी सेंट्रल जीएसटी, जो केंद्र सरकार वसूलेगी. दूसरा एसजीएसटी, यानी स्टेट जीएसटी, जो राज्य सरकार अपने यहां होने वाले कारोबार पर वसूलेगी. तीसरा होगा वह जो कोई कारोबार अगर दो राज्यों के बीच होगा तो उस पर आईजीएसटी, यानी इंटीग्रेटेड जीएसटी वसूला जाएगा. इसे केंद्र सरकार वसूल करेगी और उसे दोनों राज्यों में समान अनुपात में बांट दिया जाएगा.

जीएसटी लागू करने के लिए पिछले साल संसद ने 122वें संविधान संशोधन विधेयक को पास किया था. इसके अंतर्गत महत्वपूर्ण नीति निर्णय जीएसटी कौंसिल करेगी. इसके केंद्र सरकार के अलावा सभी राज्यों के वित्तमंत्री प्रतिनिधि इसमें शामिल हैं. इसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्तमंत्री करते हैं और इसके उपाध्यक्ष किसी राज्य के वित्तमंत्री होते हैं. जीएसटी कौंसिल में सभी फैसले तीन चौथाई सदस्यों की स्वीकृति से होते हैं. सभी राज्यों के कुल वोट जीएसटी के दो तिहाई वोट के बराबर है.

नोबेल पुरस्कार पाने वाली पहली महिला?

पहली महिला नोबेल पुरस्कार विजेता मेरी क्यूरी थी, जिन्होंने 1903 में भौतिकी के लिए नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया. उनके साथ उनके पति पियरे क्यूरी को भी यह पुरस्कार दिया गया. यही नहीं सन 1911 में मैरी क्यूरी को रसायन शास्त्र का नोबेल मिला. इस प्रकार वे दो नोबेल पुरस्कार पाने वाली पहली महिला भी बनीं. सन 1935 में मैरी क्यूरी की बेटी आयरीन जोलियो क्यूरी को रसायन शास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिया गया. इस प्रकार वे पहली माँ और बेटी बनीं, जिन्हें यह पुरस्कार मिला. मेरी क्युरी (प्रारंभिक नाम मारिया स्कोलोडोवस्का) (7 नवंबर 1867- 4 जुलाई 1934) विख्यात भौतिकविद और रसायन शास्त्री थीं. मेरी ने रेडियम की खोज की थी.

अक्षय पात्र का मतलब क्या है?

महाभारत मे अक्षय पात्र का जिक्र आता है. पांचों पांडव द्रौपदी के साथ बारह वर्षों के लिए वनवास जाते हैं. जंगल में प्रवास करते हुए सैकडों साधु-संत और धर्मात्मा पुरुष उनके साथ हो जाते हैं. वे छह प्राणी अकेले भोजन कैसे करें, और उन सैकडों हजारों के लिए भोजन कहां से आए? पुरोहित धौम्य के कहने पर  युधिष्ठिर ने सूर्य के नाम का जाप किया. सूर्य प्रसन्न होकर युधिष्ठिर की इच्छा पूछते हैं. युधिष्ठिर ने कहा, इतने लोगों को मैं भोजन कैसे कराऊँ. सूर्यदेव ने एक ताँबे का पात्र देकर कहा- यह बर्तन मैं तुम्हें देता हूं. जब तक द्रौपदी परोसेंगी, तुम्हारे पास फल, फूल, शाक आदि चार प्रकार की भोजन सामग्रियां तब तक अक्षय रहेंगी. कथा के अनुसार द्रौपदी हजारों लोगों को परोस कर ही भोजन ग्रहण करती थीं. वे जब तक वह भोजन ग्रहण नहीं करतीं, पात्र से भोजन समाप्त नहीं होता था.

महात्मा गांधी के बेटे थे या नहीं?

गांधी जी के चार बेटे थे. हरिलाल, मणिलाल, रामदास और देवदास गांधी. एक शिशु का बचपन में निधन हो गया था.

ईफेल टावर का निर्माण किस वजह से किया गया?

फ्रांस के पेरिस शहर में सन 1889 में बनाई गई ईफेल टावर मूलतः 1989 वर्ल्ड फेयर के प्रवेश द्वार के रूप में बनी थी. इसका नाम इंजीनियर गुस्ताव ईफेल के नाम पर है, जिन्होंने इसे डिजाइन किया था.

एंटोमॉलोजी क्या है?

कीट विज्ञान (एंटोमॉलोजी Entomology) प्राणिविज्ञान का एक अंग है जिसके अंतर्गत कीटों अथवा षट्पादों का अध्ययन आता है. षट्पाद (षट्=छह, पाद=पैर) श्रेणी को ही कभी-कभी कीट की संज्ञा देते हैं.

ग्रेट विक्टोरिया रेगिस्तान कहाँ है?

द ग्रेट विक्टोरिया रेगिस्तान ऑस्ट्रेलियन रेगिस्तानों में से एक है. इस रेगिस्तान का क्षेत्रफल 338,000 वर्ग किमी है. इस विशाल रेगिस्तान में रेतीले टीलों की भरमार है, पर इसकी विशेषता है कि यहाँ वनस्पति बहुतायत से होती है. ब्रिटेन ने 1952 में जब एटम बम बनाया तो उसका परीक्षण यहाँ आकर किया.  
प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित